पति के इंतकाल के बाद बिमला अपने एक मात्र पुत्र सौरभ को सरकारी नौकरी पाने की तैयारी हेतु शहर भेज दिया। अपने मामा विनय की सलाह...
पति के इंतकाल के बाद बिमला अपने एक मात्र पुत्र सौरभ को सरकारी नौकरी पाने की तैयारी हेतु शहर भेज दिया। अपने मामा विनय की सलाह...
अनकहे शब्दों की माला है कवितामन के बहते भावो की सरिता है कविताअनबुझी कितनी ही पहेलियाँ सुलझाती है कविताकितने ही उलझे हुए सवालों के जवाब है...
मौसम कैसा भी हो, ढलना आ जाएगा।क्या धूप क्या छॉंव, चलना आ जाएगा। सफ़र करते-करते यहॉं तक आ गए।आगे भी मंज़िल तक पलना आ जाएगा। -मनीष...
मन के भावों से साक्षात्कार करवा दे,वो भाव है कविता।शब्दों के ढेर से कुछ नहीं होता,स्याही से नहीं,एहसासों से लिखी जाती है कविता। हर्ष, विषाद, गम,...
प्रथम दीप्ति दिवाकर की,धरा पर जब पड़ती है।देती नवजीवन फिर से,हर पीड़ा को वह हरती है। जागृत होती सुप्त सृष्टि भी,प्रालेय पत्र पर जब ठहरतीहै।उन्नींदी भौंर...
तगड़ी तुमने जाँच की, सिस्टम था जब ठीक।आख़िर फिर कैसे हुआ, पेपर ससुरा लीक? पुनः जाल में फँस गई, कठिन परीक्षा नीट।रोका बच्चों को मगर, किया...
राह में कांटे बिछा दे, देख फिर तू हौसला,तोड़ चाहें घर गिरा दे, देख फिर तू हौसला|| आंधियों से, बारिशों से डर नहीं लगता हमें,खूब तूफां...
(मनहरण घनाक्षरी काव्य) मैंने इतिहास पढ़ा,रोम-रोम मेरा खड़ा।पन्ना पन्ना कहें मुझे,हंसता रहे जहां। मांओ की गोद उजड़ी,देखी है मौत की लडी।तभी मिली ये आजादी,हंसता रहे जहां।...
हर ज़ख्म-ए-तमन्ना से उभरने का हुनर सीखमंज़िल है तेरे सामने चलने का हुनर सीख क्यों दौड़ता फिरता है तू बेकार जहां मेंकुछ काम ख़मोशी से भी...
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