भाग-दौड़ की धूल उड़ाती, यह चकाचौंध सी राहें,दिन के कंधों पर लद जातीं, सौ-सौ बोझिलआहें।चेहरों के इस मेले में जब, मन अपना खो जाता,भीतर कोई मौन...
भाग-दौड़ की धूल उड़ाती, यह चकाचौंध सी राहें,दिन के कंधों पर लद जातीं, सौ-सौ बोझिलआहें।चेहरों के इस मेले में जब, मन अपना खो जाता,भीतर कोई मौन...
बीते कल की धूल उठाती,स्मृतियों के दीप जलाती,पीड़ा को भी गीत बनाती,अश्रु में भी अर्थ सजाती—कविता हर स्मृति लिखाती… आज के क्षण को थामे रखती,प्रासंगिकता नित...
हर घर की यही कहानी हैहर घर की अपनी गरिमा है,हर सास नहीं मां बन सकतीना हर बेटी पर मां की महिमा हो। अंदाजे-बयां कुछ ऐसा...
जब चलें बेख़ौफ़ आंधियांपकड़कर रखो अपनी जमीनऔर खड़े रहो मजबूती से।वरना उड़ जाओगे।बचा सको, तो बचा लोअपनी गैरत, अपना ईमान।चारों ओर घूम रहे हैंझूठ के सौदागर।...
मन में बहार आईं, जब-जब सुमन खिलेसूनी-सूनी राहों में, खुशियों के दीप जले महकी महकी शाम ढले, चाँद नज़र मुस्काएधीरे धीरे पायल की, मीठी धुन सुन...
ज़ंजीर-ए-इश्क़ पाँव में डाली गई हुज़ूर।चाहा बहुत मगर न निकाली गई हुज़ूर। हँस हँस के प्यार से यूँ मेरी जान माँग लीहमसे न उनकी बात भी...
जब हर तरफ कोलाहल गुंजातब बेहतर लगा मौन हो जानापहले मैंने सोचाकोई मेरे मन को समझेकोई मेरे मन को छुएपर जब मौन गहरे उतरातो समझ आयामेरा...
“सोना – कनक – स्वर्ण” सोना हर नारी के श्रंगार का होता है आधार,सोने के संग फैल रहा है भारत का व्यापार। सोना नहीं किसी काम...
“सोना – कनक – स्वर्ण” संसार जिसे कहता कनक है,वह तो केवल माया है,सच्चा स्वर्ण वही है जिसने,अंतर-दीप जलाया है।जैसे अग्नि में तपकर सोनाकुंदन रूप में...
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