“सोना – कनक – स्वर्ण” चाहे हो ख़ूब सोना चाँदीचाहे हो धनदौलत का अम्बारमगर दिल के किसी कोने मेंन हो किसी ग़रीब के लिए प्यारया न...
“सोना – कनक – स्वर्ण” चाहे हो ख़ूब सोना चाँदीचाहे हो धनदौलत का अम्बारमगर दिल के किसी कोने मेंन हो किसी ग़रीब के लिए प्यारया न...
“सोना – कनक – स्वर्ण” सोने की चमक ने ,किस्मत चाँदी की चमकाई ।अच्छे अच्छों की कमर तोड़ी हकीक़त सामने आईजो खरीद रखा था ,जमाने के...
“सोना – कनक – स्वर्ण” सोने को कुंदन बनाना बाकी है,यह संसार मानव कर्मों की झांकी है। दुर्लभ मानव देह मिला जो,इससे सत्कर्म करना बाकी है।...
“सोना – कनक – स्वर्ण” आशाएं हैं मन में कई,उलझने दूर हो जाएगी।संघर्षों से मिलती सफलता,उम्मीद नई फिर आएगी। कसौटी पर खड़ा उतरकर,परख स्वर्ण की हो...
“सोना – कनक – स्वर्ण” जीवन है अनमोल,समय को कभी न खोना।पल – पल हो उपयोग,जाग कर्मण मत सोना।। भू – गर्भा भंडार, निकलते हीरे मोती।मिट्टी...
“सोना – कनक – स्वर्ण” जब मिलता है सोना,रेत जैसा दिखता है।चमक उसकी बताती है,पहचान अभी उसकी बाकी है।लाखों परीक्षा के बाद पहाड़ से,मुट्ठी भर रेत...
परिवर्तन करना ही होगा तुमको इस परिपाटी में,अब भी अगर नहीं चेते तो मिल जाओगे माटी में। वैसे तो सबको ही इक दिन माटी में मिल...
“सोना – कनक – स्वर्ण” जिनके पास दौलत,वो सोने की बात करते। मुफलिसी में क्यूँ है,सोने की बात करते।। रोटियाँ खाने कोमिल जाए वो बहुत है।...

वामिका आज फिर देर रात तक जाग रही थी। कमरे में हल्की पीली रोशनी फैली हुई थी। बाहर सड़क पर सन्नाटा पसरा था, लेकिन उसके कमरे...
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