गौरैया की प्यास पाषाण पात्र में धरा गगन का टुकड़ा नीला, चोंच डुबोकर पीती गौरैया, मन कितना भोला। एक बूँद टपकी जल से, उठीं लहरें गोल-गोल, ...
गौरैया की प्यास पाषाण पात्र में धरा गगन का टुकड़ा नीला, चोंच डुबोकर पीती गौरैया, मन कितना भोला। एक बूँद टपकी जल से, उठीं लहरें गोल-गोल, ...
“गौरैया की प्यास” तप रही धरा गगन से बरसती है आग जहां बूंद बूंद शीतलता चाहती मानव की आस वहां ओ री गौरैया तप्त जलते भू...
“गौरैया की प्यास” मई जून की तपती गर्मी तालाब पोखर सूख गए प्यास से बेहाल जीव जंतु पक्षी, ढूंढे जल की अनमोल धार, बस इतना कर...
“गौरैया की प्यास” खुश हो रही नन्हीं गौरैया देख के निर्मल जल, सोच रही है प्यास व्यथित मन है ये कितना सुंदर पल। सूखी डाली पर...
“गौरैया की प्यास” विलक्षण देदीप्यमान ऊर्जावान।गौरवांवित करती घर-आंगन।फुदक-फुदक जब दाना चुगती।प्रफुल्लित कर देती सबका मन। विलुप्तप्राय यदा-कदा दिखना।कल्याण प्रतीक सबका कहना।आज दिग्भ्रमित समाज आचार।भूल रहा तुम्हारा...
“गौरैया की प्यास” हम इक्कीसवी सदी में जा रहे हैगौरैया दिवस मना रहे है, पिछड़े थे जब हमनित्य गोरैया गाती थी,कलरव मधुर सुना करहम सबको जगाती...
“गौरैया की प्यास” आओ हम एक काम करें,कुछ परोपकार के काम करें,इन पशु पक्षी की खातिर,मानव धर्म निभा चलें।। इन प्यारे पंछी की खातिर,दाना पानी भी...
“गौरैया की प्यास” नन्ही सी एक चिड़िया ,रोज मेरे घर आती थी ,बैठ खिड़की पर ,मुझे कलरव रोज सुनाती थी,कुछ रोज से उसका,आना जाना बंद हुआ...
“गौरैया की प्यास” चिड़िया के पर होते लेकिन,मौसम बदले रूप को देखो!उस नन्हीं गौरैया ख़ातिर !थोड़ा दाना पानी रख दो | फुदक -फुदककर वह गौरैया ,जब...
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