कैसे सोचा आपने, एक ही होगा? अपने समय से लेकर आज तक, होता आई हूं हैरान देख कर, इतने लेखकों, और कवियों का ज्ञान शब्दों के...
कैसे सोचा आपने, एक ही होगा? अपने समय से लेकर आज तक, होता आई हूं हैरान देख कर, इतने लेखकों, और कवियों का ज्ञान शब्दों के...
सपनें अलग अलग ,से होते हैं।कुछ सपनें हम सब,सोते हुए,बंद आंखों से,देखते हैं।बंद आंखों से देखे सपनें,निर्रथक होते हैं।कभी हम बीती हुई,घटनाएं भी देख जाते है,ऐसे...
शहर की शोर-शराबे भरी गलियों से दूर, पहाड़ी की तलहटी में बना वह पुराना बंगला अक्सर सन्नाटे की चादर ओढ़े रहता था। लोग कहते थे कि...
देने वाले मुझे इतनी तो ख़ुदाई देता।मेरा दुश्मन भी मेरे हक़ में दुहाई देता। सारी तकलीफ़ की जड़ हैं ये मेरी दो आँखेंये न होतीं तो...
छण भंगुर वहम थाटूटा तो किनारा हो गयाअपने ही प्रेम मे उलझी सी मैवो तो कब का पराया हो गयाचांद तारे तोड़ लाने का उनसेन जाने...
प्यासी धरती तपस्विनी सी ताक रही है अम्बर को।थोड़ा जल बरसा दे रे मेघा, रोक दे ऐसे मंजर को।जगह-जगह से मेरा आंचल दरक गया है।बिन पानी...
जब चलें बेख़ौफ़ आंधियांपकड़कर रखो अपनी जमीनऔर खड़े रहो मजबूती से।वरना उड़ जाओगे।बचा सको, तो बचा लोअपनी गैरत, अपना ईमान।चारों ओर घूम रहे हैंझूठ के सौदागर।...
अचानक शख़्स कोई बेवफ़ा यूँ भी नहीं होता ।बिछड़ने भर से तो कोई जुदा यूँ भी नहीं होता । मुहब्बत हो तो फिर महबूब आंखों में...
संगदिल लोगों पे जाँ-निसार मत कीजिएइनकी ख़ातिर ज़िंदगी दुश्वार मत कीजिए शहद की शीशी में ज़हर भी हो सकता हैमीठी-मीठी बातों पे ऐतबार मत कीजिए इश्क़...
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