माँ अक्सर बोला करती थी,घर से बाहर कम जाना तुम,और सांझ ढले उससे पहले,घर के अन्दर आ जाना तुम।हैं विषधर फैले चहुँ ओर,जो नजर न तुमको...
माँ अक्सर बोला करती थी,घर से बाहर कम जाना तुम,और सांझ ढले उससे पहले,घर के अन्दर आ जाना तुम।हैं विषधर फैले चहुँ ओर,जो नजर न तुमको...
“मुश्किलों को मुस्कुराकर आसान कर दें।”“कर्मों से अपने एक जमीं आसमान कर दें।।” १.मुश्किल आवै द्वार पर, मत तू आँसू ढार।हँसि के कर सत्कार तू, मुश्किल...
अतुकांत रचना वह आईने के सामने बैठी हैसमय को ठहरा कर।उंगलियाँ आज कैनवास हैंऔर देह एक रचती हुई कविता। माँग में सिंदूर रखती है —सिर्फ रंग...
एक स्त्री बीज होती है,मिट्टी में समर्पित हो मिट जाती है,ताकि फल-फूल पल्लवित-पुष्पित हों,और एक नई नस्ल मुस्कुराती रहे।वह सहती है अंधेरों की घुटन,चुपके से अपनी...
महाकवि ने अपने अनुयायियों से कहा “ लेखकों, शारदा के वरद पुत्रो! मेरी बात उतने ही ध्यान से सुनो जितने ध्यान से तुम सब ‘मन की...
“गौरैया की प्यास” कोई एक कटोरा रख दोथोड़ा सा जल उसमें भर दोभरी दोपहर गौरैया आएचोंच डुबा कर प्यास बुझाए गौरैया धरती की बेटीसूखे ताल तलैया...
जिंदगी को मिटा देना अच्छा नहीं,अपने आप को सजा देना अच्छा नहीं। कई लोग आयेंगे, कई चले जाएंगे,किसी की यादों में रो देना अच्छा नहीं, कमियां...
कुशल न्याय त्याग राजमाता देवी अहिल्या बाई है।धर्म की जीत, महेश्वर की प्रीत देवी अहिल्या बाई है। हम निमाड़ लोक के वासी नमन करते हैं।मॉं अहिल्या...
बाल गीत कूद – कूद कर बंदर सारे, घर – घर धूम मचाते।चढ़े पेड़ पर आम खा रहे, बच्चों को ललचाते।। आधा खाए और गिराए, घूमे...
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