(मनहरण घनाक्षरी काव्य) जब करोगे संघर्ष,होता रहेगा उत्कर्ष।मुफ्त की आशाएं छोड़ो,मिलेगी सफलता। पीड़ाओं से भरा जहां,उससे भागोगे कहां।दृढ़ संकल्प करना,मिलेगी सफलता। आत्मविश्वास न खोना,कांटों पे हमें...
(मनहरण घनाक्षरी काव्य) जब करोगे संघर्ष,होता रहेगा उत्कर्ष।मुफ्त की आशाएं छोड़ो,मिलेगी सफलता। पीड़ाओं से भरा जहां,उससे भागोगे कहां।दृढ़ संकल्प करना,मिलेगी सफलता। आत्मविश्वास न खोना,कांटों पे हमें...
ज़िन्दगी भर समझौतों की आग में झुलसकर भी,औलाद के हृदय से निष्कासित पिताराख के ढ़ेर में तब्दील हो जाता है !निष्कासन की चिता में भस्म हो...
पोर-पोर पीर में पगाप्रीति के प्रमाण हो गयेगीत थे ग़ज़ल बने कभीबाँसुरी की तान हो गये जो बहुत करीब आ के भीदूर-दूर , दूर ही रहेबादलों...
ख्वाब भले हों ऊँचे ऊँचे पर, उन पर भी पहरे होने चाहिए।शब्द छोटे हों मगर भाव गहरे होने चाहिए। मिलें कभी जब अपनो से तो, मन...
कभी – कभी सुनहरे अतीत से भी प्यार कर लेना चाहिए , अपने सच्चे रिश्ते ,प्यारे दोस्तों को याद कर लेना चाहिए , जब मन दुखी...
दिल के सरताज बनोगे क्या!मेरे हमराज़ बनोगे क्या! मेरे चेहरे पर छाई हर ,रौनक का ताज बनोगे क्या! बीते कल की बात न जानूँमेरा तुम आज...
पुरातन तीन युगों में अपनी सार्थकता सिद्ध करते हुए इस युग में इस पंक्ति ने अपने अर्थ में बदलाव उत्पन्न कर लिया है।परोपकार निश्चय ही इस...
“अरे सचेतना, रुक जा यार! थोड़ा धीरे चल।” मैं उसे पुकारते हुए उसके पीछे-पीछे तेज़ी से बढ़ रही थी। उस समय कहाँ पता था कि कुछ...
अभिषेक एक तहसील मे रहते हैं उनके मन में बहुत ही दया भावना सभी के लिये रहती है,चाहे गली का कुत्ता हो या रोड चलती गाय,...
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