सुन चिड़िया रानी!तेरी-मेरी एक कहानी! बड़े नाजविश्वास/प्रेम सेजीवनसाथी संग मिल करश्रम/ स्वेद बहा कर नीड़ बनातेछोटे/बड़े सुख/दुख से गुजर करहर्ष/उल्लास के सुमनों से सजाते रहता प्रयासभूले...
तुम्हारा तुमको है अर्पण,मेरा क्या है, हे भगवन।सिर पर तुमने हाथ रखा है,बीत जाएगा यह जीवन। सुख के रास्ते जल्दी कटते,संघर्ष झेलें गाते-हॅंसते।जब भी देंखे छवि...
एक दिनजरूर मिलेगाचाहा हुआ संसारखुलेगा एक अलौकिक द्वार,जो ले जायेगा तुम्हें सपनों के पार,तुम तैयार हो मेरे संग चलने के लिए,देर सबेर ही सही पूरा होगा...
देर- सवेर अक्ल उनको अब आ गई हैजब हमने उनसे दूरियां बना ली हैंपहले हरदम अकड़े अकड़े फिरते थेछोटी-छोटी बात पे डाँटा करते थेहर एक काम...
हर काम में होता है देर-अंधेर।काम में देखते नहीं, बेर-कुबेर।।हम आदमी हैं हाड़- मांस का।सभी जागते मिलते देर-सबेर।। -अजय पाण्डेय बेबस
स्वार्थ में लिपटे रिश्ते,ज्यादा देर नहीं टिकते।देर सवेर,सामने आती हकीक़त,दिखावा बन जाता मुसीबत।तराजू के ; दो पलड़ेबराबरी पर ही संम्हलें।जब हथेलियाँ दो मिलती,ताली तभी है बजती।छीनकर...
देर सवेर ही सहीभटक रहा था जो अब तक बाहर की अनजानी राहों में,लौट आया वह पंछीआख़िरकार सत्य की बाहों में।छूट गया सब झूठा वैभव, छूट...
पहला पग उस डग परजिस पर नियति ले जाने को उत्साहितगहरी सांस भरकर रख दिया है। अंधकार न रोक सके पगन कर सके मेरी चाल को...
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