नभ में वो निकला सूरजलेकिन धीरे-धीरे, उड़ने लगा अंधेरा जग सेलेकिन धीरे-धीरे, बहने लगी हवा अति सुन्दरलेकिन धीरे-धीरे, हर तरफ फैली खुशहालीलेकिन धीरे-धीरे। -राकेश नमित
दानों में दान, रक्त दान महा दान,जीवन की डोर थामे, बन जाए वरदान। रक्त की हर बूंद में, आशा का संसार,मुरझाए चेहरों पर लाती नव-उजियार। न...
देर-सबेर ही सही,समझ तो आया दुनिया का फंडा,दिखावे हैं सारे रिश्ते नाते यहाँ,कोई नहीं जग में अपना,जो निभा सके निःस्वार्थ रिश्ते,यहाँ तो जुड़े हैं सारे स्वार्थ...
सुबह तड़के से उठ जाते हैं,नाश्ता भी नहीं खाते हैं,दिन भर लैपटॉप पर खट खट करते-करते,रात को थकान से टूट जाते हैं। रविवार के दिन भी...
रात भर मैंने मिलन के गीत गाए,पर न मन के मीत,अब तक लौट पाए ! मैं निशा में था तुम्हारा पथ निरखता,चांद तो मुझसे बहुत ही...
हाए! किसके लगाव में आकरचढ़ गये टूटी नाव में आकर अब वे सारे ख़िलाफ़ हैं मेरेजो खड़े थे बचाव में आकर फूटते जा रहे हैं गुब्बारेजाने...
एक बिखरता हुआ आदमीखोज रहाटूटी पंखुड़ियाँ अपने जैसौं की तलाश मेंलगा हुआकोशिश में दिनभरसाझा ध्वनियों के उच्चारणपरख रहारखकर कानों पर कोई सूत्र कहीं मिल जायेपिरो रहामाला...
(सोमवती अमावस्या) आओ आओ एक बात बतायें,सोमवार की कथा सुनाएं,कहती थी दादी और नानी,उनकी कहानी मेरी जुबानी।। एक गांव की बात पुरानी,मां बेटी और बहू सयानी,पूजा...
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