नदी के दो किनारों के बीच तना हुआ एक पुराना पुल कभी अपने लिए कोई सफ़र नहीं चुनता… उसके सीने से रोज़ गुज़रती हैं अनगिनत ख़्वाहिशें,...
नदी के दो किनारों के बीच तना हुआ एक पुराना पुल कभी अपने लिए कोई सफ़र नहीं चुनता… उसके सीने से रोज़ गुज़रती हैं अनगिनत ख़्वाहिशें,...
जागती आँखों से तेरे ख़्वाब कब तक देखतामैं अकेला बैठकर तालाब कब तक देखता मुझको अपने तौर से जीना था, सो मरना पड़ाजो मेरे थे ही...
सोचता हूं मैं अक्सरकि बन जाता है कैसे कोई इंसान उस धरती पर अजनबीजिसे सींचा था कभी अपने हाथों से उसनेजब लोग महत्वाकांक्षी और चालाककर देते...
बरसों से दिल में बसी हूक को जगा!ख़ुदा रोज फरिस्तों को यही नया पैगाम देतें हैं। प्यार करने वाले नहीं करतें हैं दगा!बेबसी में किश्तों को...
एहसासों की ठौर मेंज़िंदगी का मेला है….जब दिल ने चाहा नेदूजे दिल से खेला है .. मतभेद की आग मेंसाज़िशों का झमेला हैछुपते-छुपाते सच कोझूठ का...
कुंडलिया छंद जग में सबके ईश हैं, प्रतिपल सुनते टेर।जीवन के सब काज वे, करते देर-सबेर।।करते देर-सबेर,भरोसा प्रभु पर रखिए।श्री हरि नाम उचार,धैर्य से मधु फल...
आंधियों में उड़ते से रिश्तों की भीड़ मेंकोई दयार सुकून का हो, तो क्या बात है बहुत हैं दुनियां में हाथ थामने वालेकोई मन को भी...
दुनिया को नई राह दिखाने की बात करमंज़िल पे अपने पाँव बढ़ाने की बात कर अपने निवाले आज ग़रीबों में बाँट केकुछ पुण्य ज़िन्दगी में कमाने...
सहेजकर हृदय की प्रीतिएक पेड़ के तने परतुमने उकेरी थीदिल की कृति। दिल के दिल मेंहम दोनों का नाम लिखा थारिश्ता एक बेनाम लिखा थावो नाम...
Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee