(मनहरण घनाक्षरी काव्य) घमंड मत करना,टूट जायेगा खिलोना।नहीं भरोसा कल का,सांसें देती है दगा। जब जनाजा उठेगा,घमंड भी टूटा होगा।कफ़न ओढ़े जायेगा,सांसें देती है दगा। सभी...
(मनहरण घनाक्षरी काव्य) घमंड मत करना,टूट जायेगा खिलोना।नहीं भरोसा कल का,सांसें देती है दगा। जब जनाजा उठेगा,घमंड भी टूटा होगा।कफ़न ओढ़े जायेगा,सांसें देती है दगा। सभी...
पीले बादल से गोधूलीकोई भी बात नही भूलीघिर्री का चलना कलरव संगचूड़ी का बजना खन खन खनरधिया की बतियाँ सारीबिछड़े सभी बारी बारी प्यासे राही रुक...
मैं सुहागन चांदनी हूँ जलाशय कीतुम पूर्णिमा के चंद्र का प्रतिबिंब हो,मैं बस तुम्हारे प्रेम का अनुबंध हूँतुम पुरुष हो; तुम सर्वथा निर्बंध हो। मात्र कंकड़...
तेरी आँखों में जो देखा, वो नज़ारा और था,जिसे दुनिया इश्क़ कहती है, हमारा और था। तेरी आवाज़ की ख़ुशबू से महक उठता था दिल,यूँ तो...
और अब पैदल नहीं, उड़ना जरूरी हो गया।यूँ लगे जैसे कि अब, मरना जरूरी हो गया।। बोध-1बेअदब-बकवास, सुनने को हुए मज़बूर हम।इसलिए उस भीड़ से,हटना जरूरी...
सोमपुर में दो दुकानें थीं। आमने-सामने।रामदीन की किराना, श्यामलाल की परचून।बीस साल से एक ही प्रतिस्पर्धा – रेट कौन कम रखेगा?रामदीन ने चीनी 40 की, तो...
राष्ट्र स्तर पर प्रतियोगिता का अंतिम चरण, और प्रतिद्वंदी कौन, खुद की सबसे पक्की सहेली, प्रिया और शालू दोनों ही बेहद परेशान,घर वालों की उम्मीद, दुनिया...
प्रतिदिन की भांति आज भी वीर, शहर के खेल मैदान में दौड़ने के लिए चला गया।जिले में 1500 मीटर के दौड़ की प्रतिस्पर्धा होने वाली थी।इस...
आज हर चैंनल पर बस एक ही खबर चल रही है, क्या होगा भगवान ही जाने।क्या हुआ बाबूजी आज किस खबर ने आपको परेशान कर दिया??...
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