रवि को पूरा यकीन था कि वह ओलम्पिक में अपना बढ़िया प्रदर्शन देगा। उसके आत्मविश्वास का ही नतीजा था कि वह गोल्ड मैडल का हकदार बन...
धूप पत्तों के कंधों पर उतरती है,ओस सुबह की पहली किरण के साथ चुपचाप चमक उठती हैतने पर समय की कुछ और रेखाएँ उभर आई हैंऋतुएँ...
अनदेखा संवाद अपनी ही धुरी पर निरंतर परिक्रमा करता रहता है।वक्त-बेवक्त, दिन-रात।जागते हुए भी और सपनों की गहराइयों में भी।कभी किसी चेहरे के साथ, कभी किसी...
टूट अस्मत के ताले गएडाके रिश्तों में डाले गए धर्म की खौलती देग़ मेंआज इंसा उबाले गए कुर्सियाँ पेट भरती रहीमुफलिसों के निवाले गए बंद करने...
सोच दिखे व्यवहार में,लाख छिपाए कर कोई कितने जतनआँखों में पढ़ा जा सकता है,किसका कैसा मनदर्पण में बाहरी आवरण दिखताब हूबहू जो है जिसकी सूरतआँखें करतीं...
हवा में लहर-लहर लहराए माँतोरी लाल चुनरिया रेशम कीतोरी लाल चुनरिया रेशम कीगोटा लगाने आई माँमैं गोटा लगाने आईओ माँ, ओ माँ!माँ, इधर-उधर लहराएध्वजा तेरे मंदिर...
घमंड किसका रहा है,आजतक ज़माने में,कितने आए और मिट गए,वर्चस्व अपना बनाने में।।घमंड…. रह गए तो, बस उनके कर्म,इतिहास नया बनाने में।।घमंड किसका…….. बाहरी आवरण आडंबर...
रंग तुमने प्यार के देखे ही कब।ग़ैर ही थे तुम हमारे थे ही कब। आ ही जाती तुमको भी शर्मोहया।तुम हमारे रूबरू बैठे ही कब। ख़ैरमक़दम...
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