जब विगत स्मृतियाँ हौले सेआँगन में घिर घिर आतीं हैंसाँकल खिसका कर अंतस कीजब बिखर धूप सी जाती हैंवह कभी जलाती भीतर तकबन जाती कभी सहारा...
जब विगत स्मृतियाँ हौले सेआँगन में घिर घिर आतीं हैंसाँकल खिसका कर अंतस कीजब बिखर धूप सी जाती हैंवह कभी जलाती भीतर तकबन जाती कभी सहारा...
उस नीले रंग की रेशमी साड़ी में सुनहरी चमकीली वार्डर इतनी खूबसूरत लगती थी मानो समुद्र ने धूप की ओढ़नी ओढ़ ली हो। जबसे मैंने होश...
1.मुॅंह चिढ़ाती हुई धूप क्या ख़ूब चेहरा है ऑंधियों कामाफ़ी भी माॅंग लें तो कहलाऍं विनम्रलेकिन वे टहनियाॅं जाऍं तो जाऍं कहाॅंजो अक़्सर ही टूट जाती...
“मैं माँ हूँ “कोई कहता माँ, जननी, आयी, अम्मा,जन्मदायिनी माता, अंबा,मैया, माँ, महतारी, जन्मदात्री, वालिदानाम कोई भी हो पर माँ तो होतीबस माँदेती जन्म ,पाला पोसा...
जब तुम हंसते वो हंसती हैजब तुम रोते वो रोती हैमाँ आखिर माँ होती है। तुमको भूखा देख न पाएतुमको प्यासा कभी न छोड़ेतुम संग खेले...
माँ की साड़ियाँसदा रहीं आकर्षण का केंद्रजातीं थीं जब वे कहींनिकाल कर पहन लेतीजो मन भाती थीआज का समय होतातो मोबाइल भी रहतासेल्फियाँ खिंचतीपर तब तोचिट्ठियों...
माँ ममता का रुप है,माँ है सकल जहान।माँ कल्पवृक्ष की छाया,माँ होती भगवान।।*माँ से जन्में धरा पर,पीर फकीर महान।माँ से कायम जगत है,माँ से है भगवान।।****माँ...
आज सब मदर्स डे मना रहे हैं वैसे तो ये विदेशी सिस्टम है क्योंकि हमारे यहाँ तो बच्चे माता पिता से दूर ही कहाँ होते हैं...
मुझे आँचल में अपने अब छिपाने कौन आयेगामुझे गा गा के लोरी फिर सुलाने कौन आयेगामुझे बाहों का झूला अब झुलाने कौन आयेगामुझे परियों के किस्से...
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