“उम्रें लगीं कहने में जिसे, वो बस दो लफ्जों की इक बात थी,मगर उन लफ्जों के पीछे, जज़्बातों की पूरी कायनात थी। वो जो दिन गुजरा...
नग शृंग सुंदरी सुरीली,आंचल ओढ़े अंग जाह्नवी।नील नभ नीचे खड़ी खड़ी,बाट जोहे नर शृंग सुंदरी।धनक निहार रहा सुंदरी ।नीर क्षीर की बूंद पड़े जब,भीगे मन श्रृंगार...
हंसते हुए चेहरों से, मुलाकात कीजिए,दर्द हो दिल में, किसी से बात कीजिए। भूल कर भी ना कभी, किसी के सामने,आंखों से आँसुओं की, बरसात कीजिए।...
कहीं न कहीं, तेरे जहन में आज भी हूं मैं!जिंदगी बेच दी फिर भी, रहन मैं आज भी हूं मैं!तेरी तस्वीर से मैं रोज कुछ तो...
हे परमात्मा! हे भगवान् !सुन ले तू खोल के कानक्यों बनाए तूने ये इंसानलड़ते और झगड़ते रहतेले लेते एक दूजे की जान।इंसानियत को दिया भुलाबनते जा...
दौलत अपारमगर, कोई नहीं पासगरीबी का एहसासमन करता बेचैनसच, न मन को चैनन बची कोई आसजिंदगी जिंदा – जिंदामगर, निराश – हताशहक – अधिकार की बातअब...
गले मिलने की रवायत खो गई हुक्काम में,घुल गया है ज़हर कैसा आज इस आवाम में। दुश्मनी इस मोड़ पर आ जाएगी सोचा न था,लोग इज़्ज़त...
समय नहीं मिलाअब बहाना नहींनये युग का स्टेट्स सिम्बल हैजेब में रखा हुआएक चमकता हुआ बहानाजिसे हम दिखाते हैंताकि दुनिया समझेहम बहुत काम वाले लोग हैं...
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