क्यों ये सोचे तू तेरी किस्मत में क्या होगा ,मेहनत कर बंदे निश्चित ही तू सफल होगा ,ऐ मुसाफिर भगवान के घर देर है अंधेर नहीं...
क्यों ये सोचे तू तेरी किस्मत में क्या होगा ,मेहनत कर बंदे निश्चित ही तू सफल होगा ,ऐ मुसाफिर भगवान के घर देर है अंधेर नहीं...
तपन का हो अहसास तो समझो गर्मी हैलगने लगी हो प्यास तो समझो गर्मी हैठंडा पीने का जब जब मन करता होकोई बुझा दे प्यास तो...
कभी जो थे हमारी उंगलियों परछुरी गाड़े खड़े हैं पसलियों पर चुरायेंगे महक ख़ुद गुल से लेकिनमढ़ेंगे दोष सारा तितलियों पर जलाया आशियाँ तो नफरतों नेरखें...
चल रही हीट वेवलू का अलर्ट है। कुएंँ-पोखरभाप बनकरउड़ गए।पंछियों कीप्यास सेहम जुड़ गए।। गर्म-गर्म हवाएंउड़ रही डर्ट है। खौल रही गर्मीकॉप रही रूह।नदी में बना...
दुख जब जब आता हैतुम तब तब आते होसच बतलानातुम दुख की परछाईं होया दुख ही हो दुख के साथ वैसे ही हैतुम्हारा रिश्ताजैसे मौसम काफूलों...
दौलत के तराजू मेंन जाने क्यूं – क्यूंहमेशा नीचे रहालोगों की नजरों मेंनकारा – बुद्धिहीनमगर, न जाने क्यूंकभी बेचैन नहीं रहाजरूरत भर आमदऔर चैन की जिंदगीबुद्धि...
बहारों को तुमने क्या रोका हुआ हैअचानक ये ख़ुशबू, कुछ धोखा हुआ है ये बिखराए गेसू, घटा जैसे छाईज्यों बादल घुमड़ने का, धोखा हुआ है यूँ...
मैने जानवरों को ठंड से कांपते देखा है,कुचल दिए जाते हैं सड़कों पर,उन्हें रोते, बिलखते,आंसू बहाते देखा है,उनके दुख को नजर अंदाज करके,इंसानों को चैन से...
(मनहरण घनाक्षरी काव्य) काक्रोच हुए हैं जिंदा,कहनेवाला शर्मिंदा।उठा है तुफां उन्हीं का,अब थमेगा नहीं। बेइज्जती कौन सहे,नौजवां सभी ये कहें।लहू बना ज़लज़ला,अब बुझेगा नहीं। आग भरा...
Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee