तुझे कैसे सुनाऊं हाले दिल, मेरे अंतर्मन की बातबारिश की बूंदों सा रिश्ता है ये तेरा मेराजितना हाथों में रखना चाहूं ये उतना ही गायब हो...
तुझे कैसे सुनाऊं हाले दिल, मेरे अंतर्मन की बातबारिश की बूंदों सा रिश्ता है ये तेरा मेराजितना हाथों में रखना चाहूं ये उतना ही गायब हो...
जहाँ भोर का प्रारंम्भउसके करलव से होता थासंग उसके पूरा समूह होता थाअब दूर तक उसकी आवाज सुनाई नही आती ,मेरे घर अब गौरैया नही आती...
बहुत हुआ अत्याचार कि चुप्पी तोड़ दे अबघुट-घुट जीना बेकार कि चुप्पी तोड़ दे अब तू नम्र ह्रदय सी कोमल पावन पवित्र सी निश्चलनहीं होगी दरिंदगी...
इतना मुश्किल भी नहीं अबतुम्हारे बिना जी पानातुम्हारे जाने के बाद मैंनेप्रेम को और निकट से जाना कॉफी का स्वाद वैसा ही हैजैसा तुम्हारे साथ पीने...
सृष्टि का आधार वही,करुणा का दिव्य विस्तार है,भारतीय नारी के आँचल मेंसिमटा पूरा संसार है।त्याग, तपस्या, प्रेम, समर्पण—जिसकी अमर कहानी है,भारत की पावन धरती कीवह गौरवमयी...
हर कारज में दाग़ लगा ही देते हैंभला करो तो लोग बुराई देते हैं इस दुनिया में ऐसे भी हैं लोग जिन्हेंबस औरों के दोष दिखाई...
मई गुज़ार के जल्दी से जून आ जाये,हवाएं चलने लगें, मानसून आ जाये। मैं आंखें बन्द करूँ तो मिरे ख़यालों में,कभी मसूरी कभी देहरादून आ जाये।...
किसी अपने की मौत का दर्द,और उन परिस्थितियों में जो महसूस होता है वह इस ग़ज़ल में देखिए। नहीं लौट पाते कभी जाने वाले,भले कोई कितने...
तपती दोपहरों के माथे परजब समय अंगार लिखता है,जब धूल भरे रास्तों परमनुष्य अपने ही भीतर सूखने लगता है,तब कहीं दूरकोई ‘Delonix regia’धीरे-धीरेआग पहनकर खिलता है।...
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