मुस्कुराती आंखों पे शब्द बलिहारी हैमाथे चमचमाती लाल बिंदिया प्यारी है,सजाया है काजल बड़ी बड़ी आंखों मेंकनखियाँ कोरों पर भी बहुत प्यारी हैं। चौड़े माथे पे...
मुस्कुराती आंखों पे शब्द बलिहारी हैमाथे चमचमाती लाल बिंदिया प्यारी है,सजाया है काजल बड़ी बड़ी आंखों मेंकनखियाँ कोरों पर भी बहुत प्यारी हैं। चौड़े माथे पे...
“ऐ जिंदगी जरा ठहर,थोड़ा तो सुस्तालें,कुछ पल सुकून के गुजार लें। ऐ जिंदगी जरा ठहर,तू भी है थकी-थकी,हम भी हैं थके-थके,चल जरा दो पल,किसी पेड़ की,ठंडी...
नदिया तट पर खोयी सुध बुध, सोच रही हूंजीवन भी तो एक नदी है, नियति यही बस बहते जाना। जल क़ी बूंद-बूंद अमृत बन, बनती जीवन...
वह स्वच्छता अभियान कामुख्य पात्र हैपीछे चौक में पड़ासबकी उपेक्षित सामग्रीवह स्वीकार करता है,सबेरे-सबेरे बुहारा हुआ कचरादाल-सब्जी के छिलकेदवाई के रेपर, पॉलिथीन और भी बहुत कुछ।उसे...
पर्यावरण स्वच्छ रखने का,इच्छुक जो भी तन-मन है।शान्ति विश्व की हिंद देश की,चाह रहा जो वो सज्जन है।। वातावरण रहे परिचायक,जन-घर की खुशहाली का।सुख-दुख पतझड़ आते-जाते,रहे...
उषाकाल और गोधूलि वेलाप्रकृति के दो सुन्दर रूप,असीम शांति और नीरव स्पन्दन,दोनों इनमें करें निवास। सहर के झोकों मेंखिल जातीं कमल पंखुड़ियाँ।मन वीणा के तारों में...
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