रमेश और सुरेश दोनों ही भाई और दोनों ही सरकारी नौकरी में।एक ही शहर में काम, मगर दोनों का आवास अलग-अलग।दोनों परिवार के साथ रहकर बच्चों...
आजकल मोबाइल पर बहुत से ग्रुप चलते हैं। बस ऐसे ही किसी एक साहित्यिक ग्रुप से वंदिता जुड़ी थी। उसे अनुशासन प्रबंधन का दायित्व दिया गया...
सदियों पहले श्री मनसुख लाल जी अत्यंत अभावग्रस्त थे, संघर्ष के पलायन से वे पत्नी फुलिया बाई के साथ शुजालपुर छोड़कर भोपाल आ बसे थे। रेलवे...
चार बहुयें रामनारायण के चार बेटे थे । सबसे बड़े बेटे की पत्नी जब उस घर में ब्याह कर आई तो उसने अपने छोटे देवरों को...
प्यार की अनोखी कहानी “क्या जीजी! किस कबूतर खाने में रह रही हो?”” चिंता मत कर। मैं तो कबूतर खाने में रह रही हूँ, तुझे मुर्गियों...
रिश्तों की डोर बड़ा आसान है न किसी पर आरोप लगाना कितनी आसानी से तुमने कह दिया कि दी हम दोनों को साथ खुश नहीं देख...
एक बार आश्रम में गुरु ने अपने शिष्यों को एक-एक दीपक दिया और कहा, “आज रात इसे जलाकर रखना। ध्यान रहे, यह दीपक बुझना नहीं चाहिए।”रात...
निष्ठा अपने नाम को सार्थक करने वाली एक जिम्मेदार बेटी थी। उसके पिता ने अपने व्यवसाय की हर बारीकी उसे अपने उत्तराधिकारी के रूप में सिखाई...
Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee