कारे बदरा देख-देख कर,आंखों में उम्मीद हैं आईं। बारिश की फुहार को पाकर,प्यासी धरती है हरषाई। बच्चों की टोली ने मिलकर,जहां-तहां है दौड़ लगाई। शीतल सुरभित...
काले बादल,आते बड़ा डराते,न बरसते। वो देखो छायीं,घनघोर घटाएं,बरखा आयी। छायी है घटा,गरजे हैं बादल,नाचे है मोरव बरखा आयी,टिप टिप हैं बूँदें,है हरियाली। पवन चली,मन को...
रिमझिम फुहारें जब छिटकने लगीं,पेड़ो, पत्तों, फूलों पर बिखरने लगीं।हवाएं झूमतीं लहराकर चलने लगी,धरती की हरी चूनर फिसलने लगी। कुंज और कानन में ताज़गी जा गयी,प्रकृति...
नहीं रहावो बचपनवो खेत-खलिहान,बीत गया वो कलवो बारिशवो गीला मैदान. जहाँ फिसलकरमाटी-चन्दन से हमबाबा भोले बन जाते थे,देख हम बच्चों की टोलीसभी बड़े मुस्काते थे, जब...
आया मौसम बरसात का है।खेती -बाड़ी सौगात का है।। 01। हर एक दिशाओं हरियाली।बदले मौसम की खुशहाली।।02। नदियाँ तालाब भरे जल से।घास उपर आए अब तल...
परम् पिता-परमेश्वर सबके, ब्रह्म रूप परमात्म।जीवनदाता आस सदा ही, होते अंर्तआत्म।।जनक-पिता हैं ईश बराबर, दर्श रूप अध्यात्म।शीतल छाया सुख भर देते, उनके दुख अज्ञात्म।। कभी न...
पिता एक समूचा आसमान !जहाँ विचरते हैंसपनों के जगमग सितारे,होती महत्वाकाक्षाओं की ऊँची उड़ानेंऔर असीम को मुठ्ठी में भर लेने का अटूट हौसला ! एक मजबूत...
पिता है ऊंचे आकाश जैसाउम्मीदों का फैला आसमानजब जरूरत जीवन सा जलबरसाता खुशियों के मेघ बन पिता है साहस फैला वृक्ष साहर और हरियाली हिम्मत दृढ़जब...
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