पिता आखिर तुम चले ही गएहर बार की तरह इस बार भीबिना कुछ कहेतुम्हारे जाने के पदचाप सुनकर भीमैं तुम्हें रोक नहीं पाईबरसो का अबोला क्षण...
पिता आखिर तुम चले ही गएहर बार की तरह इस बार भीबिना कुछ कहेतुम्हारे जाने के पदचाप सुनकर भीमैं तुम्हें रोक नहीं पाईबरसो का अबोला क्षण...
ईश्वर की पूजा-अर्चना यानी प्रार्थना करना मनुष्य के लिए बहुत आवश्यक होता है। इससे मनुष्य का लोक-परलोक दोनों ही सुधरते हैं। उसका आत्मिक बल बढ़ता है...
घिर आए बदरा,बरस गई बूँदे,मिट्टी की सोंधी खुशबू,दिल मेरा बहके। सडकों पर भरा पानी,दादी की कहानी,कागज की कश्ती,बचपन की मस्ती। महकती रसोई,अदरक वाली चाय,गरमागरम पकौड़े,जिया ललचाये।...
सावन की घटा छाईहरित हरियाली छाईजैसे दुल्हन नभ के वेश मेंजैसे काले बादलधुधराले केश में। धरती दुल्हन सजीमानो डोला चलीसावन की बहाररिमझिम फुहार,चिड़ियों की चहकफूलों की...
धैर्य का उत्कर्ष स्थापित करो जीवन के रण मेंहै बना कुरूक्षेत्र महाभारत निरूपित जन में गण में शौर्य का कुंडल कवच क्यों कर्ण बनकर दान देंनफरतों...
ऐ बारिशतेरे आने सेबचपन की याद आती हैछई छप्पा छईखेल की मधुर स्मृतिफिर से दिल कोपूरी तरह गुदगुदाती है । ऐ झमाझम बारिशतेरे आने सेधरती की...
हूँ ! पूछो इसमे इतना झिझकने की क्या बात है।तुम इतने मुश्किल हालात में भी इतनी मुतमईन और खुश कैसे रह लेती हो? वैसे सलाम है...
सागर की गहराई नभ की, ऊँचाई थे पापाजीतुलसी के मानस की मीठी, चौपाई थे पापाजी। पीपल की छाया थे ठंडी, शरद सूर्य की गरमाहटआँसू की मुस्कानों...
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