यह पंक्ति जीवन को एक कैनवास और हमें चित्रकार मानती है। जिंदगी हमको की मोके देती है प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप में,,,, कभी कभी होता है कि...
यह पंक्ति जीवन को एक कैनवास और हमें चित्रकार मानती है। जिंदगी हमको की मोके देती है प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप में,,,, कभी कभी होता है कि...
“ज़िंदगी के कैनवास में कभी भी मौकों की कमी नहीं होती” जीवन को यदि एक कैनवास मान लिया जाए, तो हर व्यक्ति उसका चित्रकार है। इस...
बिन तेरे क्या जीना हैतेरे खुशियाँ में जीना हैतेरे गमों के साथ चलना हैउम्मीद है तो जीवन है|| आशा की डोर बंधी हैविश्वास की ओर बंधी...
होना नहीं निराश,देख मन स्वयं बदलना।उम्मीदों के साथ, बढ़ो नित आगे चलना।।भले न कुछ हो शेष, उम्मीद है तो जीवन।जाती रजनी बीत,भोर नव खिलते उपवन।। धुंध-धुआँ...
कहाँ तक ये मन के अंधेरे चलेंगे,हैं तन सांसें तब तक ये फेरे चलेंगे इन्हें काटना हमको खुद ही पड़ेगा,ये संग अपने सांझ-ओ-सवेरे चलेंगे, उम्मीद है...
उम्मीदें ही तो जीवन है, आशा की पतवार लिए,जीवन की चंचल लहरों पर साथी, साहिल पार करेंगे। चटक चांदनी के आंगन में, सुख की दुनिया रच...
सुख चैन अपना गवां कर बैठा हूं,रातों की नींद अपनी उड़ा कर बैठा हूं। कई समय पहले अपने को बनाया था मैंने,तुम्हारे जाने से अपने को...
आओ आओ एक बात बताएं,निर्जला एकादशी की कथा सुनाएं,कहतीं थीं दादी और नानी,उनकी कहानी मेरी जुबानी।। श्री व्यास जी ने एकादशी की,महिमा देखो खूब सुनाई,व्रत के...
(मनहरण घनाक्षरी काव्य) कितने लोग बदलें, बढ़ते गए फासलें।हर जगह दुरियां, स्नेह मिटाती हुई। रिश्ते भी हुए बेगाने, बन गए अफसाने।बदली हुई नीतियां, स्नेह मिटाती हुई।...
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