मन के कोरे कागज़ में हम जो चाहे लिखते, मिटाते हैं।यह हमारी इच्छा है। लिखने, मिटाने की कोशिश करते, कुछ ऐसा लिख लेते हैं, गीत बन...
मन के कोरे कागज़ में हम जो चाहे लिखते, मिटाते हैं।यह हमारी इच्छा है। लिखने, मिटाने की कोशिश करते, कुछ ऐसा लिख लेते हैं, गीत बन...
शोर से थके हुए कानों को,जब कोई चुप्पी छू जाती है,मन की बंजर राहों पर,शीतल बयार-सी बह जाती है। सुकून तब मिलता है जबबिना कहे भी...
ये प्रेम का कैसा रूप है!!जो कुरूप हो रहा।जहाँ,हृदय संवेदना शून्य हो,बना रहा कातिल,रिश्तों का मर्यादाओं का संस्कृति का। उच्चॠँखलता की पराकाष्ठा,आधुनिकता की होड़ में लगी,पाश्चात्य...
“पहाड़ों पर सुकून है ये अब समझ में आया है,यहां आकर जब मैंने खुद से खुद को पाया है। कुछ मुश्किलों ने जकड़ा है कुछ बातों...
अपनों की कोई क़द्र नहीं है,बहुरुपियों को भाव मिल रहे।अवसरवादी गिरगिटी वृत्तियों को,अवसर छप्पनभोगी चाव मिल रहे॥ संघ रंग केसरिया न उतरा,जीवन झोंक दिया सारा।पागलपन की...
नेताओं के उद्गार,बे-सिर-पैर का प्रलाप।पल में राम, पल में नाग,चाल-चरित्र संदिग्ध। सच, नेताओं के उद्गार।बात-चाल पर भरोसा,अंदर-बाहर का खेल-खेला।आदमी क्या, राम भी न जाने। सच, राजनीति...
वैसे तो हम कह नहीं सकते, किसका तार कहाँ है।दुनियाँ बहुत ही विस्तृत है, फैली यह जाल यहाँ है। उन्हीं जाल से हम आते हैं, निकल-...
गुज़रे वक्त से अब, क्या कहें हमफ़ना होना है अब तो, क्या कहें हम बड़ी यादें, सफ़र भी मुख़्तसर हैतुम्हें मालूम है सब, क्या कहें हम...
मेरे बच्चेतुम्हें केवल मैंने नहीं बनायाजैसे कि मुझे सिर्फ़ मेरे माता-पिता ने नहीं बनाया थामेरी ही तरहतुम्हारी हड्डियों में पहाड़ हैं,रक्त में नदियां हैं,सांसों में वृक्ष...
Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee