मन की सूनी गागर है, तुम प्रेम सुधा से भर जाना,सब सांझ ढले अंबुआ तले मुझसे मिलने तुम आ जाना। कब से ये मेरा जीवन, बाट...
होती है मोहब्बत में कशिश,दिले हालात जुबां बयां करती है। मैं हमदर्द हूं प्यारी सखी उसकी,जो हर दर्द बतलाती है। छूटे मुड़े से हैं किताब-ए इश्क...
छुटकू को बालकनी में अपने टांगे ‘बर्ड-फीडर’ के सामने उदास खड़ा देखा तो मुकुल को आश्चर्य हुआ।वो तो कितना खुश था जब उसने मेले से पक्षियों...
तुम्हारी याद आती है तो यह दिल भी मचलता हैख़ुदा जाने ये दरिया भी समन्दर क्यों निगलता है हमारे प्यार की उसने कदर समझी नहीं अब...
सफ़र में धूप के साए बदल जाना नहीं अच्छा,थके हारे मुसाफ़िर का ठहर जाना नहीं अच्छा। दिखावे की हँसी हँसकर ज़माने को दिखाते हैं,मगर भीतर ही...
आज सोचा फुरसत में कुछ लिखा जाएपर प्रश्न था क्या लिखूं ! राधा कृष्ण की प्रीत लिखूंया बासुरी का मधुर संगीत लिखूं ! अंतर में बसा...
तेज अब हुआ मंद, उग्र ग्रीष्म ऋतु का भी,किरणें न सूरज की, तन को जलायेगी। तिनका न छोड़ती थी, सब को निचोड़ती थी,अनिल न उष्ण अब,...
विधना के एक इशारे परमानवता दहल गई सारी,लेकिन मानव की जिजीविषापल भर भी हिम्मत कब हारी। धरती डोली, हड़कंप मचा,दाता ने यह भूकंप रचा।भय, शोक, करुण-चीखें,...
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