मैंबेफिक्र सीअल्हड सीआज भी नादान सी क्यूंकितू पल पल साथ हैमेरी हर सांस हैमेरा विश्वास है हे ईश्वरतू हैतो मै हूंऔर मै, मै हूं -अनुपमा शर्मारुड़की
बहुत नखरे थे हमारे खाने में,अकेले हुए तो सब कुछ खाना आ गया।जिसने गरम न करी थी सब्ज़ी भी कभी,आज उसे खाना पकाना आ गया।जिसके आगे-पीछे...
जिन्दगी में गमों का सायापीछा करता फिरता हैगमों से लड़कर जीनाजी कर आगे बढ़नासाहस का एहसास हैकभी धूप के अंबरकभी छांव के बादलचिडिया का घोसलाकई बार...
रोज गुस्सा बात -बेबात ही।ख्वाब खुशियों की न बारात ही। उम्र सारी ज़ख्म सीती रही,वो खुशी आई न सौगात ही। जुल्म करता वो गया बेअवसर।हैरत ये...
हर समय मुँह उठा कर घर आया न करबात-बेबात यूँ ही हमसे टकराया न कर हर घर में पूछे बिना जाने की आदत तेरीहम दिल के...
बात-बे-बात रूठ जाना उसका,बात-बे-बात मान जाना मेरा।इसी नोकझोंक में उम्र बीती,प्रेम का यह अनोखा बसेरा। बात-बे-बात चाय का कप थमाना,बात-बे-बात नजरें चुराना।कहने को कुछ नहीं होता...
बात-बे-बात रूठ रहे हैं, कैसा यह व्यवहार,छोटी-छोटी बातों पर ही, टूट रहे हैं प्यार। बात-बे-बात ताने देना, बन बैठा है चलन,शब्दों के विष-बाणों से अब, घायल...
छोटी-छोटी बातों पे उत्पात मचाया न करो।बात- बेबात में यूँ बात बढ़ाया न करो। खुद की गलती को सदा औरों के सिर क्यों मढ़ते हो?गलतियां सबसे...
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