दिखावे की दुनिया में वास्तव में,इंसान अपनी असली पहचान खो रहा।दुनिया सिमट गई हाथों में,पर संवाद जो हो रहे मूक।जिससे दिलों की छत,हो रही अंबर के...
दिखावे की दुनिया में वास्तव में,इंसान अपनी असली पहचान खो रहा।दुनिया सिमट गई हाथों में,पर संवाद जो हो रहे मूक।जिससे दिलों की छत,हो रही अंबर के...
गीत ग़ज़ल का शौक पुराना छोड़ दियाटूटे दिल ने साज़ बजाना छोड़ दिया यार पतंगे फटी पड़ी है चाहत कीहमने दिल के पेंच लड़ाना छोड़ दिया...
बोलो क्या बोलना है?एक औपचारिक सा सवाल पूछा था तुमने,कैसे बोलें क्या बोलें?बहुत सी बातें हैं मन मेंशुरुआत कहां से करें,एक तस्वीर जो कभी बनाई थी,मनपसंद...
शब्द हों सरल, भाव हों गहरे, यही कवि की पहचान,मन से निकली सच्ची रचना, छू ले जो हर प्राण।अक्षर-अक्षर दीप बने जब, मिट जाए अज्ञान,प्रेम, करुणा,...
दिल में कोई अरमान रखना है,हो दर्द भी तो मुस्कान रखना है। मर जाएंगे अपने वतन के लिए।हिन्दोस्तां की मगर शान रखना है।। धर्म अपना रहे,...
मीनाक्षी को जीतने की आदत थी।शादी के पहले दिन ही तय कर लिया था इस घर में मेरी चलेगी। सास की रसोई ससुर की बैठक पति...
सुनंदा सारे घर में हैरान परेशान सी घूम रही थी,,घर के सारे सामान को उलट पुलट करती,तकिये,रजाई,गद्दों के निचे ढूंढ ढूंढ़ कर थक चुकी थी।उसकी डिजाइनर...
राजदीप और रणदीप ।18 एकड़ जमीन और गाँव में अच्छी खेती बाड़ी।रणदीप की सरकारी नौकरी थी और वह बाहर किसी शहर में नियुक्त था।पिता के निधन...
Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee