संकेत ने घड़ी की तरफ़ देखा। 6:30 हो रहे थे। आफिस का सन्नाटा कह रहा था सभी चले गए हैं।सिस्टम शटडाउन कर वो बैग उठा रहा...
पूछे मेरी बिटिया रानीवो है बड़ी सयानीकहती है मुझको वोमाँ कह एक कहानी राजा हो या रानीचाहे हो बात पुरानीसुनने में लगे अच्छीसीख मिले हमे सच्ची...
कितना सुहाना था अपना बचपन।जिसमें महके बस खुशियों का चंदन। सुबह शाम की कोई खबर नहीं थी ,पढने और खेलने का न कोई बंधन। मिलकर पाठशाला...
कदम है छोटेलक्ष्य बड़े हैंसुनहरे सपनेबस्ते में पड़े हैं। घरौंदे से बाहरकदम बढ़ाते चूजेले हाथों में हाथविश्वास से एकदूजे। दुनिया की दौड़ मेंशामिल हो जाएंगेपढ़ लिख...
छुट्टियां हुई ख़त्म हमारीअब स्कूल जाना हैसंगी साथियों सहितपढ़ाई में दिल लगाना है!ना थको छोटी बहनाबस चंद कदम ओर है चलना,वो देखो सामने है स्कूलखूब मन...
चलों चले स्कूल चले हम,पथ के कंटक भूल चलें हम,पढ़ना लिखना काम हमाराभले उड़ाते धूल चलें हम,,,चलो चलें स्कूल चलें हम,,,,!! जीवन को है सफल बनाना,विद्या...
बचपन की ये यारीदेखेगी दुनिया सारीजवां भी हो जाएंगेबनेगी मिसाल हमारी ये प्रथम कदम का साथले चले हाथ में हाथएक दूजे को थाम करेंगेदिल से दिल...
जब हम छोटे बच्चे थेनित पाठशाला जाते थे सुबह सवेरे नहा धोकरसुंदर बाल बनवाते थे मैया स्वादिष्ट टिफिन बनातीकंधे पर बस्ता टंगवाते थे प्यार से टीचर...
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