मेरे प्रिय अंतरमन,आज जीवन के इस सफर में, इस मोड़ पर तुमसे बात करने की इच्छा है।सुन रहे हो ना मेरी बातजो कोई भी नहीं सुन...
प्रिय मन, बहुत दिनों से अपने आप से बात करने का मन कर रहा था। पूरी जिंदगी निकाल दी दूसरों की या यूं कहें कि अपने...
मेरे अन्तर्मन, मैं जानती हूँ तुम बहुत अच्छे हो। तुम्हारे कारण ही तो मैं भी अच्छी कहलाती हूँ। हाँ, अच्छे बने रहने के लिए तुमको कष्ट...
प्रिय अंतर्मन, अंतर्मन को पत्र प्रथम बार लिख रही हूँ मुझे पत्र लिखना बहुत अच्छा लगता है पुराने जमाने में संदेश पत्र द्वारा सूचना का आदान-प्रदान...
मेरे प्रिय मन, आज बहुत दिनों बाद तुझसे बात करने बैठा हूँ। भीतर तक झाँकने की हिम्मत जुटा पाया हूँ। बचपन कितना सुनहरा था? माँ की...
मेरे अंतर्मन, वैसे तो तुम सदा से मेरे साथ हो, तुम्हारी बातें हमेशा सुनी भी है, परंतु तुम्हें कभी कुछ कहा नहीं। कभी मौका नहीं मिला...
वक्त अपनी चाल पर हैइंसान वही खाल पर है अनसुलझे सवालों का ढेरमुद्दे सारे बवाल पर है दहशत में चल रही दुनियांलगता है जैसे काल पर...
अय मेरे मन, तू तो जानता है कि बचपन से ही मेरे मन में एक तमन्ना थी कि मैं एक ऐसा गाँव बसाऊँ जिसमें सभी तरह...
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