मोहन की मनमोहक मूरतिसांवरि सूरति श्याम सलोने।बंसी की धुन बाजत नाचतझूम उठे वन बाग के कोने।एक ही पग पर ठाढे रहे प्रभुपय को पिए प्रभु भरि...
आत्मिक प्रेमस्पर्श मन काकोई संबंध नहींइससे तन का, प्रेम के दरिया मेंडूबेगा जिस्म उसी काजिसने महसूस किया हैअहसास सिहरन का, कोसों दूर बैठकरलगे पास बैठा हैमन...
फिर वही कुआ, वही खेत होंगेचार दिन ही सही भले, मेरे होंगेलौट रहा हूँ गाँव मेरेअपनी यादों के जंगल मेंफिर से ढूँढने अपने यार पुराने वो...
अपने ही घर की दीवारों में,जब दरारें बोल उठती हैं,तब समझ आता है अक्सरचोटें बाहर से नहीं, भीतर से होती हैं। जिसे समझा था अपना साया,वही...
भीत दुख से कभी भी न खाते हैं हमइसलिए ही सदा मुस्कुराते हैं हम । जब सताती हैं उनकी यादें हमेंगीत कोई नया गुनगुनाते हैं हम...
तू मुझे भले अपना न माने पर,मैं तो सबको बतलाऊँगा, ज़हीर ऐसे होते हैं।आ जा मेरे दोस्त ग़रीबखाने पर,दुनिया को दिखलाऊंगा दिल ए अमीर कैसे होते...
कुछ रिश्तेपकड़ने से नहीं,छोड़ने से हल्के होते हैं।कुछ जवाबमिलते नहीं,बस स्वीकारने पड़ते हैं। क्योंकि अब समझ आया है—पीछे हट जाना हार नहीं,कभी-कभीखुद को बचा लेनाही सबसे...
जवाब हाँ में न सही ना में तो दे दिया करहोठों को अपने यूं तू, सी तो न लिया कर l मिलना नहीं तो न सही,...
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