आँखों का खारापन भीगा, भीगा सपनों का आँचल,यादों के हाथों से फिसला, जब इक पागल चंचल पल। एक चमेली शाम ढले जब, सेज सजाए ख़ुशबू की,कितने...
आँखों का खारापन भीगा, भीगा सपनों का आँचल,यादों के हाथों से फिसला, जब इक पागल चंचल पल। एक चमेली शाम ढले जब, सेज सजाए ख़ुशबू की,कितने...
इतिहासों की क्रूर कथायें….. इतिहासों की क्रूर कथा के कथन जिसे स्वीकार नहीं है।वह सिंहासन मिटा भला जो सच का पैरोकार नहीं है ।। किसी क्रूर...
सभी ने देखे हैं दिनमुफ़लिसी के,सभी के पास आँखें हैं।दीवारों पर सजे हैंमहँगे ख़्वाबों के नक़्शे,पर पहने तन्हाई कालिबास, आँखें हैं।बड़े मकानों में अब सन्नाटाशोर करता...
(यात्रा वृतांत)☺️ किसी काम से बेटी से मिलने भोपाल जाना हुआ।साथ में छोटा बेटा प्रिंस भी साथ था।आरक्षित टिकिट न हो पाने के कारण यात्रा सामान्य...
माँ पापा के साए में..वो बचपन ही था|जब हर छोटी सी बात पर..मन उल्लास से भर जाता था|चाहे नए कपड़ों का आना हो..या अचानक से स्कूल...
जीवन चक्र यही है दुनिया काजीना मरनाजब तक सांसें हैं तन में,पल-पलआंहें भरनाकभी खुशी कभी गम का बहतारहेगा झरनाबनकर कर्मयोगी अपने कर्तव्यनिर्वहन करना सुख की धूप...
ओ बाबू,ओ साहिब,ओ मेम साहिबहमे इंतजार है सवारियों काक्या आपको कहीं जाना हैतो इधर आइये नाकुछ पैसों के लियेले चलेंगे हम आपकोजहाँ भी है आपको जाना...
लिख चुकी हूँ देश में,गाँवों के गाँव।गाँव में लिख चुकी हूँ,शहर जाने की विडंबना। शहर में लिखती रही,गाँव से दूर जाने का दुख।दुख में लिखती रही,सुख...
भारत माता तेरे चरणों में,जीवन अपना अर्पण करूं।बलि वेदी पर चढ़ जाऊं मैं,मां तुझको तर्पण करूं। बिछ जाऊं अंतिम शय्या पर,और तेरा रक्षण करूं।छूं ना पाए...
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