मौसम को जरा देख लो तूफानी सा हो गयाबादल गरज रहें है और पानी सा हो गयाकुदरत मचा रहा है जाने कैसा कहर हैआँख में आँसू...
मौसम को जरा देख लो तूफानी सा हो गयाबादल गरज रहें है और पानी सा हो गयाकुदरत मचा रहा है जाने कैसा कहर हैआँख में आँसू...
यादें जब यादों की गलियों से गुजरती हैं।खामोशियां खामोशी से कुछ कहती हैं।जब शीतल पवन का झोंका आता है।और तन-मन-आत्मा को भिगो जाता है।तब इन पहाड़ों-पत्तों-झरनों...
मन मस्तिष्क की तोड़ दीवारें,आगे बढ़ना ही होगा,जीवन है कांटों की बगिया,बच के चलना ही होगा।। इस संसार सागर को,पार तो करना होगा,जीवन की धूप छांव...
मेरा मनकभी सागर जैसाआत्मसात कर लेता हैउस तक आने वाली हर नदी कोमेरा मनकभी पर्वत जैसाजो अडिग रहता हैहर कठिनाई मेंमेरा मनकभी आसमां साजहां उड़ जाता...
तुम ही भरोसा हो मेरा,तुम ही मेरी आस्थातुम ही आसरा हे भगवन,तुम से ही वास्ता और तो सारे यहां के, जिन्दगी के यार हैंएक आप ही...
मैं सागर हूँन आदि,न अंतमैं हूँ अनतमेरी गहराई मैं नहींजानतामैं खुद अनजान हूँअपने खजाने सेमोती, शंख,रत्न भंडारमैं हूँ अपाररहस्यमय। कितने जहाज़ निगल गया मैंकितनी कहानियाँ सोती...
आँसू नहीं बह रहे हैं तो कोई तो कारण होगा।रोती रह जाऊँगी तो कैसे बच्चों का पालन होगा।छोटे से बच्चों को भाग्य भरोसे छोड़ गए हो...
सही सोच मुनिया दौड़ते हुए घर आयी तो देखा कि घर तो बंद है।खुशी में वो यह भूल ही गई थी कि माई और काकी धान...
ना माई अभी हमें पढ़ने दो। सरकार किताबें ड्रेस खाना सब देती है।हम पढ़ना चाहते हैं।सातवीं कक्षा की छात्रा विभूति अपनी मां से बार बार विनती...
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