पत्तियां सूख जाएंगी,धीरे धीरे झर जाएंगी शाखाओं से।फिर आएंगी नई कोपलें।धुंधले हो जाएंगे शब्द,मिट जाएंगी किताबें।गुम जाएंगी पहचाने,मिट जायेंगे निशान।जमींदोज होगी इमारतें,जहां है आज चहलपहल।भर जाएगी...
पत्तियां सूख जाएंगी,धीरे धीरे झर जाएंगी शाखाओं से।फिर आएंगी नई कोपलें।धुंधले हो जाएंगे शब्द,मिट जाएंगी किताबें।गुम जाएंगी पहचाने,मिट जायेंगे निशान।जमींदोज होगी इमारतें,जहां है आज चहलपहल।भर जाएगी...
उद्दण्ड, उछलते, गंदले मैले और प्रदूषित,हर बहते को साथ जोड़ना घातक है।विषबेलों के खिले सुगंधित, मन को भाते,भीने-भीने, रंगबिरंगे, पुष्प तोड़ना घातक है।घातक हैं वो कर्महीन,...

भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक कृति weपुरस्कार कैलेण्डर वर्ष 2024 के पुरस्कारों की घोषणा कर...
दुर्मिल सवैया अब कौन सुने, किसके मन की,मन ही मन में, घुटते सब हैं। मन भेद रखें, निज बांधव से,मन खोल उन्हें, कहते कब हैं। कुछ...
प्रेम का भाव लिए प्रेमी-प्रेमिका अपने मन की बाते कर रहे थे। वे दोनों चाहते थे कि उनका प्रेम अमर हो जिसमें दया, इंसानियत तथा सच्चे...
दिव्यांम के जन्मदिन पर गिफ्ट में आए ढेर से नई तकनीक के इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों में कुछ को दिव्यम चला नहीं पा रहा था घर के अन्य...
रोला छंद आई मस्त बहार, खुशी के बदरा छाए।हर सू खिला निखार, फ़िज़ा रिमझिम है गाये।कोयलिया की कूक, ह्रदय में प्रेम जगाये।आज सखी मदमस्त, जियरवा उड़ता...
विशद वैभव काहुआ दखो उजालाआगई बाहर निकल कर‘धार’ की है भोजशाला! झेलकर आघात भीदुर्दांत नर केपाल रखी है धरा नेयह विरासत जुगा करकेफट गया है स्वयं...
जो नाव किनारे से छूट गई,उसे पुकारने से नदी नहीं रुकती! लहरें उसका नामकुछ दूर तक दोहराती हैं,फिर जल की भाषा मेंसब कुछ बह जाता है!...
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