थाम लिया है जबसे हाथ तुम्हारा,बदल गया है जीने का अंदाज़ हमारा!बेफ़िक्रों सी जी रहे हैं ज़िन्दगी,पाया है जबसे जीवन में साथ तुम्हारा!सुख दुख दोनों मिल...
जब थाम लिया है हाथ तेरा,फिर राह कोई अनजान नहीं,तू साथ रहे तो मुश्किल भीलगती मुझको आसान वहीं। तू साथ चले तो पथरीलीराहें भी अपनी लगती...
जब थाम लिया है हाथ तेरा,तो मंज़िलें भी मुस्कुराने लगीं।अंधेरों में भी दीप जले,और राहें खुद गुनगुनाने लगीं। गिरते-गिरते संभल गया मैं।तेरे भरोसे का बल मिला।हर...
जब थाम लिया है हाथ तेरा,तो न डर कोई, न कोई परवाह है।अँधेरे में भी दिख रही है मंज़िल,मुश्किल न कोई रास्ता है। तुम साथ हो...
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