ग्रीष्म की प्रचंड तपिश में,आसमान की ओर निहारता गुलमोहर!गांव- शहर- कानन में,लहकता प्रणम्य डालियों संग!दे रहा हृदय से ईश को धन्यवाद।कि हे भगवन तुमने मुझे!सहनशक्ति संग...
ग्रीष्म की प्रचंड तपिश में,आसमान की ओर निहारता गुलमोहर!गांव- शहर- कानन में,लहकता प्रणम्य डालियों संग!दे रहा हृदय से ईश को धन्यवाद।कि हे भगवन तुमने मुझे!सहनशक्ति संग...
भीगी आँखों ने ख़्वाब बुनादर्द होता है सौ – सौ गुनाइस जहॉं में है कौन अपनादर्द होता है सौ – सौ गुना फ़रियाद सुनी ना रब...
एक नवगीत …. रेगिस्तान बनाते मन को ,रीते घड़े दुपहरी में । धूप सवेरे से ही आती है ,किरणों के पर खोले , गुलमुहरी आकाश तले,मुठ्ठी...
अनभिज्ञ मैं जीवन की इस द्यूतक्रीड़ा से ,अनंत गगन को नापती मैं अपने पंखों से ।लक्ष्य पर साधती कितने निशाने अचूक से ।। सहसा रुकी,आह!किसने बाँधा...
मेरा संबंध क्या है बेबसी सेचलो अब पूछते हैं ज़िंदगी से रुकी है नींद रस्ते में कहीं परनयन उम्मीद बाँधे हैं कभी से पलक की ओट...
बड़ी ज़हमत उठाई जा रही है,सरे महफ़िल सजाई जा रही है। मैं बिकने को नहीं तैयार लेकिन,मेरी क़ीमत लगाई जा रही है। मैं निकला था यहाँ...
गुलमोहर नाम हमाराखडा हूंँ मै बाट निहारेकई पथिक आते पास हमारेलेट जाते मेरे सिरहाने खडा हूँ मै दोनों हाथ पसारेनयन बिछाये आभा बिखेरेरक्तवर्ण की चूनर ओढेस्वागत...
अरे आ गई हमारी कल्लो।।।।उसे देखकर ही उसके सीनियर ने ताना मारा, उसने चुपचाप गर्दन झुका ली और अपने केबिन में चली गई। यह देखकर उसकी...
तोड़ बंधन सारे उन्मुक्त हो,शिव की जटा से बहकर आनासुनो हे भागीरथी!आकाश से धरती तक फैली हैनफरत की ज्वालाशांत हो ऐसा एक परिवेश ले आना। बहा...
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